Jharkhand:चैती छठ महापर्व की शुरुआत,नहाय-खाय के साथ श्रद्धा का उमड़ा सैलाब

Jharkhand:चैती छठ महापर्व की शुरुआत,नहाय-खाय के साथ श्रद्धा का उमड़ा सैलाब
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Jharkhand:चैती छठ महापर्व की शुरुआत,नहाय-खाय के साथ श्रद्धा का उमड़ा सैलाब

राँची :लोक आस्था, सूर्य उपासना और प्रकृति के प्रति समर्पण का प्रतीक चैती छठ महापर्व रविवार को नहाय-खाय के साथ पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ शुरू हो गया। चार दिनों तक चलने वाला यह महापर्व व्रतियों के कठोर तप, अनुशासन और आस्था का अद्भुत संगम है। राजधानी राँची सहित आसपास के क्षेत्रों में छठ को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। घाटों की साफ-सफाई, सजावट और अन्य तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।

नहाय-खाय के साथ व्रत की शुरुआत करते हुए व्रती आज के दिन पवित्र स्नान कर शुद्ध भोजन ग्रहण करते हैं और इसके साथ ही चार दिवसीय इस कठिन व्रत का संकल्प लेते हैं। इस पर्व में स्वच्छता और सात्विकता का विशेष महत्व होता है, जिसमें व्रती पूरे नियम और संयम का पालन करते हैं। छठ महापर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी एक अनूठा अवसर है।

चैती छठ में भगवान सूर्य और छठी मैया की पूजा की जाती है। मान्यता है कि सूर्य देव की उपासना से जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। इस पर्व में व्रती बिना जल और अन्न के कठिन उपवास रखते हैं, जिसे सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। महिलाएं और पुरुष दोनों ही इस व्रत को पूरी निष्ठा के साथ करते हैं।

छठ महापर्व के दूसरे दिन यानी 23 मार्च को खरना मनाया जाएगा। इस दिन व्रती दिनभर उपवास रखने के बाद शाम को गुड़ और चावल से बनी खीर और रोटी का प्रसाद ग्रहण करते हैं। खरना के बाद 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाता है, जो इस व्रत का सबसे कठिन चरण माना जाता है।

तीसरे दिन 24 मार्च को संध्या अर्घ्य दिया जाएगा। इस दिन व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को जल अर्पित करते हैं। नदी, तालाब और विभिन्न जलाशयों के घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। इस दौरान छठ गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है।

वहीं, चौथे और अंतिम दिन 25 मार्च को प्रातः अर्घ्य के साथ यह महापर्व संपन्न होगा। व्रती उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपने व्रत का पारण करेंगे। इस दौरान श्रद्धालु भगवान सूर्य से परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्यता और मंगलमय जीवन की कामना करते हैं। इस दिन सूर्योदय का समय सुबह 5:49 बजे निर्धारित है।

प्रशासन द्वारा भी छठ पर्व को लेकर व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। घाटों पर सुरक्षा, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

चैती छठ महापर्व समाज में एकता, भाईचारा और समर्पण का संदेश देता है। यह पर्व लोगों को प्रकृति के करीब लाने के साथ-साथ संयम, त्याग और श्रद्धा का महत्व भी सिखाता है। राँची में इस बार भी छठ पर्व को लेकर लोगों में भारी उत्साह है और हर कोई इस पावन पर्व को श्रद्धा के साथ मनाने में जुटा हुआ है।

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